आयुष्मान भारत योजना में यूपी पीछे, तीन गुना प्रगति की जरूरत

आयुष्मान भारत योजना में यूपी पीछे, तीन गुना प्रगति की जरूरत

December 03, 2019 02:16 PM
आयुष्मान भारत योजना में यूपी पीछे, तीन गुना प्रगति की जरूरत

यूपी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में देश में काफी पीछे हैं। इस समय प्रतिदिन देश भर में लगभग 30 हजार मरीजों को इस योजना के तहत इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें से यूपी के मरीजों की संख्या 900 से 1000 मात्र है। जबकि देश के कुल लाभार्थियों में से 10 फीसदी यूपी के हैं। इस हिसाब से यूपी को तीन गुना प्रगति की जरूरत है। यूपी आयुष्मान भारत योजना में नए पैकेज लागू करे। इससे निजी क्षेत्र में मरीजों को अधिक इलाज मिल सकेगा। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ. इंदु भूषण ने सोमवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित कार्यशाला ‘गेटवे टू हेल्थ’ में कही।
डॉ. इंदुभूषण ने कहा कि देश भर के राज्यों में से यूपी में आयुष्मान योजना के सबसे अधिक 10 फीसदी लाभार्थी हैं। इसके बावजूद यूपी में प्रतिदिन सिर्फ 200 से 300 केस ही हो रहे हैं। इस हिसाब से प्रत्येक जिले में मात्र दो मरीजों को ही आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में 75 जिला अस्पताल हैं। वहीं 25 सरकारी मेडिकल कॉलेज भी हैं। इसके बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। कुछ जिला अस्पताल ऐसे हैं जहां पिछले सात दिनों में आयुष्मान योजना में एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। इन जिलों में मुख्यमंत्री का गृह जिला गोरखपुर भी शामिल है।  सीएमओ या डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर सप्ताह में आयुष्मान योजना के संबंध में बैठक करें। आयुष्मान योजना में पब्लिक सेक्टर की भागीदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल गुणवत्ता को सुधार कर अच्छे पैकेज पा सकते हैं। यदि निजी अस्पताल एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल) का प्रमाण पत्र लेता है तो उसे पैकेज में 15 फीसदी अधिक भुगतान मिलेगा। यदि अस्पताल महात्वाकांक्षी आठ जिलों में है तो उसे 10 फीसदी अधिक भुगतान मिलेगा।

शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाएं
डॉ. इंदुभूषण ने कहा कि जिन जिलों में गोल्डल कार्ड ज्यादा बने हैं वहां इलाज की सुविधा ज्यादा ली गई है। इसलिए कार्ड बनाने पर ध्यान दें। सीएचसी, पीएचसी, बैंक व प्रधान के यहां शिविर लगाकर कार्ड बनवाएं। यदि किसी परिवार को कार्ड का 30 रुपये देने में दिक्क्त हो रही है तो उसे सरकार दे या फिर सीएसआर के तहत मदद कराएं। अस्पतालों के भुगतान को जल्द करें। इस मामले में हरियाणा सबसे आगे हैं। वहां 15 दिन से अधिक के भुगतान लंबित नहीं है। यूपी में इसमें भी सुधार की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने यूपी में डॉक्टर व पैरामेडिकल की कमी का हवाला देते हुए आयुष्मान योजना में सुधार का भरोसा दिलाया। साचीज की सीईओ संगीता सिंह ने यूपी में आयुष्मान भारत के एक साल की उपलब्धि की जानकारी दी। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। कार्यक्रम सलाहकार भारत सरकार दीपा बगाई भी मौजूद थीं।
सोनभद्र के सीएमओ सम्मानित
कार्यशाला में सोनभद्र के सीएमओ और जिले की डिस्ट्रिक्ट इम्लीमेंटरेशन यूनिट (डीआईयू) को सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसकेअलावा भारत के शीर्ष 10 अस्पतालों शामिल होने वाले फेलिक्स अस्पताल के प्रतिनिधि को गोल्ड सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के तहत सम्मानित किया गया। प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप टेन जिलों बरेली, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, चंदौली, मेरठ, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर व मुरादाबाद के सीएमओ/जिला नोडल अधिकारी भी सम्मानित किए गए।

इन्हें भी मिला पुरस्कार
केजीएमयू                         - सर्वोच्च मेडिकल कॉलेज अवार्ड
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल- सर्वोच्च राजकीय चिकित्साल
जिला संयुक्त चिकित्सालय ललितपुर- सर्वोच्च सर्जरी करने वाला जिला अस्पताल
सीएचसी रामनगर चित्रकूट           - सर्वोच्च सामुदायिक केंद्र
अंबेडनगर                           - स्पेशल इनिशिएटिव अवाउऱ् फॉर गोल्डन कार्ड


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