बेटी को बचाने के लिए संघर्ष करती मिडल क्लास फैमिली की कहानी है द स्काई इज पिंक

बेटी को बचाने के लिए संघर्ष करती मिडल क्लास फैमिली की कहानी है द स्काई इज पिंक

October 10, 2019 04:41 PM
बेटी को बचाने के लिए संघर्ष करती मिडल क्लास फैमिली की कहानी है द स्काई इज पिंक

पिछले काफी दिनों से चर्चा में चल रही प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर स्टारर द स्काई इज पिंक कल रिलीज होने वाली है। फिल्म से प्रियंका चोपड़ा लम्बे अरसे के बाद बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। फिल्म की कहानी आयशा नाम की लड़की की है, जो जन्म से ही एक रेयर जेनेटिक डिसऑर्डर एससीआईडी से पीड़ित है। जिससे उसकी लाइफ खतरे में है। उसके माता-पिता, अदिति और नरेन को पता है कि ये बीमारी लाइलाज है, इसलिए दोनों कपल अपनी बेटी को बचाने की हरसंभव कोशिश करते हैं। रियल स्टोरी बेस्ड द स्काई इज पिंक’ आपको कुछ समय तक इमोशनल फिल्म लगती है। आयशा (जायरा वसीम) की एक्साइटिंग वॉइसओवर के साथ फिल्म शुरू होती है और फिल्म अदिति (प्रियंका चोपड़ा) और निरेन (फरहान अख्तर) की लाइफ में एंट्री लेती है।

ऐसी लाइफ जिसमें आयशा के जन्म के बाद से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अदिति और निरेन को अपने कठिन समय में भी बेटी को बचाने की उम्मीद में और कठिन फैसले लेते देख दिल पिघलने लगता है। मिडिल क्लास कपल लंदन में अपनी बच्ची के इलाज के लिए फंड जुटाने की कोशिश करते हैं। एक समय पर अदिति, आयशा के इलाज के चलते महीनों तक अकेले लंदन में रहती है, जबकि काम करने के लिए नरेन अपने दूसरे बच्चे ईशान के साथ दिल्ली चला जाता है। एक सीन, जिसमें ईशान अपनी मां को फोन कॉल पर बताता है कि उसको आसमान में गुलाबी रंग भरने के लिए क्लास में डांट खानी पड़ी, आपको निश्चित रूप से भावुक कर देगा।

हालांकि, फिल्म में ऐसे और भी कई मूमेंट हैं, लेकिन द स्काई इज पिंक’ रोने-धोने वाली फिल्म नहीं है। फिल्म में स्टोरी और डायलॉग इमोशनल मूमेंट्स को हल्के-फुल्के अंदाज में, आपको फील कराने के साथ अच्छा संतुलन रखते हैं। फिल्म में अदिति और निरेन की लव स्टोरी कुछ रियलिस्टिक फनी मूमेंट्स जोड़ती है और कपल के रूप में उनकी कैमिस्ट्री शानदार है और देखा जाए तो फिल्म इसी वजह से इंट्रेस्टिंग लगती है। जैसे-जैसे फिल्म आयशा, अदिति और नरेन की लाइफ के अलग अलग पहलुओं को छूती है, फिल्म स्लो होने लगती है। ओवरऑल प्रियंका चोपड़ा ने अदिति के रूप में शानदार काम किया है। नरेन के रूप में फरहान अख्तर भी हेल्पिंग हसबैंड और पिता के रूप में अच्छे दिखे हैं। जायरा वसीम ने हर पल अपनी आवाज से या अपने सीन्स से फिल्म में इमोशनल फील दिया है।


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